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भारतीय तटरक्षक वैमानिकी

पृष्ठभूमि

      भारतीय तटरक्षक की स्‍थापना के समय से ही भारतीय तटरक्षक के लिए एक पूर्ण विकसित वैमानिकी विंग की आवश्‍यकता  अपेक्षित थी । 22 मई 1982 को भारतीय तटरक्षक वैमानिकी की पहली यूनिट 800 स्‍क्‍वाड्रन की स्‍थापना, दो चेतक हेलिकॉप्‍टरों के साथ गोवा में की गई ।

      30 जुलाई 1983 को भारतीय तटरक्षक में 02 फोकर फ्रैंडशिप (एफ-27) वायुयानों के  साथ पहला स्थिर पंखी स्‍क्‍वाड्रन कमीशन किया गया । इन वायुयानों को इण्डियन एयरलाईन्‍स से र्मी रहित पट्टे पर लिया गया था । इन वायुयानों ने समग्र अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र में समुद्री निगरानी तथा खोज एवं बचाव कार्यों में डमडम एयरपोर्ट से अपने निरंतर अभियानों के द्वारा भारतीय तटरक्षक के लिए एक सशक्‍त सेवा प्रस्‍तुत की ।

      पहली योजना के अंतर्गत समुद्र में पोतों के सहायतार्थ तटीय निगरानी के लिए 12 स्थिर पंखी वायुयानों तथा 06 एकल ईंजनी हेलिकाप्‍टरों को शामिल किया गया ।

      जनवरी 1987 में 700 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र) के रूप में पहला डोर्नियर स्‍क्‍वाड्रन, दमन में स्‍थापित किया गया ।

    29 अक्‍तूबर 1987 को दमन में पहला पूर्ण विकसित वायु स्‍टेशन स्‍थापित किया गया । तभी से सेवा में निम्‍नलिखित वायु स्‍क्‍वाड्रनों/फ्लाइटों का आगमन हुआ:-

स्थिर पंखी स्‍क्‍वाड्रन

750 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.)- दमन  

700 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.)- कोलकाता  

744 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.)- चेन्‍नई  

745 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.)- पोर्टब्‍लेयर  

747 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.)- कोची  

डोर्नियर फ्लाईट - पोरबंदर

 

     

 

घूर्णन पंखी स्‍क्‍वाड्रन

800 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) गोवा  

841 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) दमन  

842 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) मुंब  

848 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) चेन्‍नई  

चेतक फ्लाईट पोर्टब्‍लेयर

 

     

 

         आधुनिक हल्का‍

           हेलिकाप्टर 

850 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) पोरबंदर

 

      

     इन स्‍क्‍वाड्रनों के कार्य में खोज एवं बचाव तथा पोत के हेलिकॉप्‍टरों का संक्रियात्‍मक पोतारोहण सम्मिलित था, ताकि निम्‍नलिखित मिशन कार्यान्वित किए जाकें :-

(क)    समुद्र में भारतीय तटरक्षक पोतों को संभारिकी

         तथा संक्रियात्मक सहायता देना।

(ख)    प्रदूषण प्रतिक्रिया।

(ग)    हताहतों की निकासी।

(घ)    विशिष्ट गणमान्यत व्यक्तियों के प्रति समुद्री सुरक्षा की

        प्रतिबद्धता।              

(च)    आवीक्षण तथा निगरानी।

(छ)    अपतटीय संस्थापनाओं/तेल कुओं की सुरक्षा गश्त।

संगठन

     वर्तमान में भारतीय तटरक्षक ने, 17 चेतक हेलिकॉप्टरों, 24 डोर्नियर वायुयानों तथा 03 आधुनिक हल्के हेलिकॉप्टरों के साथ अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी तक के क्षेत्र को अपनी वैमानि‍की सुरक्षा में ले लिया है । निकट भविष्य में दो मध्यम रेंज के निगरानी वायुयान(एम आर एस ए) के शामिल होने से इसमें और प्रबलता आएगी । वर्तमान में भारतीय तटरक्षक के विभिन्न वायु स्टेशनों/स्कवाड्रनों की स्थिति निम्नवत हैं:-

भारतीय तटरक्षक वायु स्टेशन दमन

     भारतीय तटरक्षक वायु स्टेशन, दमन तटरक्षक का एक प्रमुख वायु स्टेशन है, जिसमें एयरफील्ड सुविधाएं, वायु परिवहन नियंत्रण तथा अन्य सहायक वायु परिवहन सेवाएं उपलब्ध हैं । वायु स्टेशन नवीनतम विमानपत्तन निगरानी रेडार (ए एस आर),परिशुद्ध अभियान पथ अभिसूचक (पी ए पी आई), डॉप्लर अति उच्च आवृत्ति ओमनी दिशात्मक रेडियो रेंज (डी वी ओ आर)-दूरी मापक उपकरण (डी एम ई) तथा गैर दिशात्मक संकेतक (एन डी बी) जैसे नौसंचालन सहायक उपकरणों से सुसज्जित है । यह वायु स्टेशन रक्षा तथा स्थानीय एयरक्राफ्टों को वायु परिवहन नियंत्रण तथा पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध करवाता है । एयरफील्ड् का ब्यौरा निम्नवत है:-

                     दमन टेलीफैक्‍स नं. : 0260-2261004

                     वी ए डी एन तटरक्षक(202559 एन 725035 ई) उच्चता 36' (11मीटर)

                 संक्रिया समय 0200-0800 प्रतिदिन (शनिवार, रविवार, बुधवार तथा अवकाश दिवसों को छोड़कर) । आवश्‍यकतानुसार रात्रि उड़ान ।

                   रनवे 03/21 5910 फुट (1801 मीटर) टारमैक एल सी एन 15 डिग्री रनवे 10/28 3284 फुट (1001 मीटर) टारमैक एल सी एन 06

                     03 (202522 एन 72 5019 ई) 5910 5910 5910 5252

                     21(202615 एन 725046 ई) 5910 5910 5910 5910

                     10(202605 एन 725012 ई)

                     28 (202603 एन 725046 ई)

                     संचार आवृत्ति टी डब्‍ल्‍यू आर 118.7, 120.7

                     एनएवी  ए बीएन डब्‍ल्‍यू/जी 30 एफपीएम

                     एन डी बी डी एम 315 (202709 एन 7251110 ई) 125 डब्‍ल्‍यू 030/0-5 एन एम रनवे 21

                     डी वी ओ आर/डी एम ई-डी एम एन 113.3(202632 एन 7251116 ई) 100 डब्‍ल्‍यू 230/01 एन एम रनवे 21

                     एस/लेन 210 (एन डी बी) आर/डब्‍ल्‍यू 21

                     टी/एल्‍ट 4000'

                     पी ए पी आई आर/डब्‍ल्‍यू 03/21

 उपलब्ध सेवाएं

                     ईंधन ए टी एफ, वायुयान प्रारंभ यूनिट, रनवे लाईटिंग पैराफिन फ्लेयर, मुख्‍य  रनवे ।

  •         विमानपत्‍तन निगरानी रेडार

 अनिवार्य अपेक्षाएं

                   विमानपत्तन के 20 किलोमीटर के अंतर्गत किसी इमारत, टॉवर, चिमनी, मस्तूल आदि के निर्माण के लिए, सभी संबंधितों द्वारा अनापत्ति प्रमाण - पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है । आवेदन-पत्रों को कमान अफसर, तटरक्षक वायु स्टेशन दमन को भेजा जाए । अपनायी जाने वाली क्रियाविधियों को तटरक्षक वायु स्टेशन दमन के एन ओ सी कार्यालय से प्राप्त किया जाए । तटरक्षक आदेश 02/2010 इससे संबंधित है तथा विस्तृत ब्यौरा दमन विमानपत्तन के पास उपलब्ध है ।

                   अन्‍य एयरफील्‍ड से प्रस्‍थान करने से पूर्व दमन वायु परिवहन नियंत्रण से निश्चित मंजूरी प्राप्‍त की जाए इस प्रयोजन संबंधी आवेदनों को तटरक्षक मुख्यालय में न्यूनतम 02 सप्ताह पूर्व भेजे जाएं ।

                     हेलिकॉप्‍टर वायु परिवहन  सी/एच 700 के निर्देशानुसार संक्रिया करेंगे । हेलिपैड चिह्नित नहीं होंगे ।

  •        वायुयान आपात स्थितियों  में कोई भी वायुयान बिना किसी पूर्व अनुमति के दमन एयरफील्‍ड की सेवाएं सकता है ।

 दमन एयरफील्ड द्वारा अपनायी जाने वाली क्रियाविधि

               दमन एयरफील्‍ड से सिविल एयरलाईन्‍स/आपरेटरों का संचालन सीधे भारतीय तटरक्षक मुख्‍यालय, राष्‍ट्रीय स्‍टेडियम परिसर, नई दिल्‍ली-110001 द्वारा नियंत्रित किया जाता है । उड़ान की मंजूरी पहले लेना अपेक्षित है । इस संबंध में अनुरोध पत्र अथवा फैक्‍स को निम्‍नलिखित नंबरों पर  निदेशक(विमानन), भारतीय तटरक्षक मुख्‍यालय को संबोधित किया जाए, जिसकी एक प्रति कमांडर तटरक्षक क्षेत्र(पश्चिम) तथा भारतीय तटरक्षक वायु स्‍टेशन दमन को दी जाए ।

क्र.सं.

प्राधिकार

फैक्‍स

फोन     

1.

निदेशक(विमानन)

011-23386348

011-22386348

2.

संक्रिया कक्ष भा.त.र. मुख्‍यालय

011-23383196

011-23384934

3.

कमांडर तटरक्षक क्षेत्र(पश्चिम)

022-24333727

 

4.

भा.त.र. वायु स्‍टेशन दमन

0260-2261004

 

निम्‍नलिखित मामलों को छोड़कर जहां कि 03 सप्‍ताह पूर्व सूचना देना अनिवार्य है, अनुरोध को निर्धारित संक्रिया से न्‍यूनतम दो कार्य दिवस पूर्व, भेजा जाए:-

            (क)       विदेशी गैर नियोजित चार्टेड विमान/विदेशी निजी विमान ।

            (ख)       भारतीय तटरक्षक वायु स्‍टेशन दमन में रात भर रूकने के लिए ।

            (ग)       विदेशी कर्मियों द्वारा संचालित वायुयान ।

 अनुरोध में निम्‍नलिखित सूचना दी जाए:-

            (क)       आपरेटर का नाम/कंपनी

            (ख)       वायुयान की किस्‍म तथा पंजीकरण संख्‍या

            (ग)       एयरक्राफ्ट/फ्लाईट का संकेत चिह्न

            (घ)       कर्मी

            (च)       फ्लाईट का ब्‍यौरा

            (छ)       यात्रियों के नाम, राष्‍ट्रीयता, पासपोर्ट नंबर(यदि विदेशी नागरिक हो तो) तथा उसकी वैधता                       

            (ज)       दौरे का उद्देश्‍य

  वसूली शुल्‍क, भारतीय विमानपत्‍तन प्राधिकरण द्वारा लागू दरों, जोकि समयानुसार परिवर्तनीय हैं, के अनुसार लागू होंगे

 स्‍टेशन के प्रशासनिक तथा संक्रियात्‍मक नियंत्रण में दो स्‍क्‍वाड्रन हैं ।

            (क)       750 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.)(डोर्नियर)  

            (ख)       841 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.)(चेतक)  

              भारतीय तटरक्षक वायु स्‍टेशन दमन, उत्‍तरी पश्चिमी तटीय क्षेत्र में समुद्री आवीक्षण तथा खोज एवं बचाव सहायता के लिए भी व्‍यवस्‍था करता है । उत्‍तरी पश्चिमी तटीय क्षेत्र में विभिन्‍न संक्रियात्‍मक प्रतिबद्धता के लिए दमन से डोर्नियर तथा चेतक वायुयानों को नियुक्‍त किया गया है । साहसिक गतिविधियों का आयोजन एक नियमित आकर्षण है, जिसके लिए स्‍टेशन एक माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट तथा एक पावर ग्‍लाईडर से सुसज्जित है । समुद्री कैडेट कोर को प्रशिक्षण भी वायु स्‍टेशन पर दिया जाता है । जवानों के लिए आवास व्‍यवस्‍था के अलावा, स्‍टेशन दमन के तटरक्षक पब्लिक स्‍कूल, जोकि संघ राज्य-क्षेत्र क्षेत्र का एक प्रमुख शैक्षिक संस्‍थान है, की भी सहायता करता  है ।  

842 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.) मुबंई

          842 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.) भारतीय तटरक्षक का चौथा हेलिकॉप्‍टर स्‍क्‍वाड्रन है । इसका प्रवर्तन 01 दिसम्‍बर 1995 को मुंबई के नौसेना हेलिकॉप्‍टर बेस कुंजाली-II के परिसर में हुआ ।

 

भारतीय तटरक्षक वायु एंक्लेव, गोवा

        भारतीय तटरक्षक वायु एंक्लेव, गोवा नौसेना वायु स्‍टेशन हंसा के साथ स्थित है । इसमें तटरक्षक का पहला वायु स्‍क्‍वाड्रन (800 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) भी संचालित है, जिसका दो हेलिकाप्टरों के साथ 22.5.1982 को कमीशन किया गया

तटरक्षक वायु एंक्लेव पोरबंदर (850 स्‍क्‍वाड्रन भा.त.र./ डोर्नियर फ्लाईट)

        भारतीय तटरक्षक वायु एंक्‍लेव पोरबंदर 850 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.) तथा डोर्नियर फ्लाईट जोकि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एच ए एल) बैंगलोर द्वारा स्वदेश में निर्मित द्विइंजनी वाले 03 अत्याधुनिक हल्के हेलिकॉप्टरों की एक यूनिट स्थापना है, को संभारिकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराता है । अत्याधुनिक हल्का हेलिकॉप्टर अत्यंत आधुनिक वैमानिकी उपकरणों से सुसज्जित है तथा तटीय निगरानी और खोज एवं बचाव अभियानों को एक पेशेवर ढंग से कार्यान्वित करने में सक्षम है । डोर्नियरों को गुजरात के तटवर्ती क्षेत्र में तथा समीपवर्ती क्षेत्रों में विभिन्न संक्रियात्मक अपेक्षाओं का कार्यभार सौंपा गया है ।

747 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.), कोची

            22 अप्रैल 2002 को नौसेना बेस कोची के परिसर के अंतर्गत तटरक्षक वायु स्‍क्‍वाड्रन 747 सक्रिय हुआ । स्‍क्‍वाड्रन दो डोर्नियर वायुयानों के साथ संचालन कर रहा है ।

 भारतीय तटरक्षक वायु स्टेशन, चेन्नई

          डोर्नियर स्‍क्‍वाड्रन अर्थात् 744 स्‍क्‍वाड्रन(त.र.) को प्रशासनिक तथा संभारिकी सहायता देने के लिए 26 अप्रैल 1991 को भारतीय तटरक्षक वायु स्‍टेशन चेन्‍नई का प्रवर्तन हुआ था तथा 03 अगस्‍त 1993 को हेलिकॉप्‍टर स्‍क्‍वाड्रन 848 स्‍क्‍वाड्रन (त.र.) का प्रवर्तन किया गया । प्रारंभ में तटरक्षक वायु स्‍टेशन चेन्‍नई का संचालन पुराने विमानपत्‍तन परिसर से किया जाता था तथा 12 अगस्‍त 1992 से इसे वर्तमान स्‍थान पर स्थानांतरित किया गया | यह स्‍टेशन सैंट थामस माऊंट में अफसर प्रशिक्षण अकादमी के साथ, 26.26 एकड़ भूमि पर विस्तारित है ।

700 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.), कोलकाता

            700 स्‍क्‍वाड्रन(भा.त.र.), तटरक्षक का पहला स्थिर पंखी स्‍क्‍वाड्रन है जिसका प्रवर्तन 30 जुलाई 1983 को कोलकाता में किया गया, जिसमें इण्डियन एयरलाईंस से कर्मी रहित पट्टे पर 2 फोकर फ्रेंडशिप (एफ-27) वायुयान शामिल किए गए । स्‍थानीय यात्री की रूपरेखा में ढला एफ-27 एक 45 सीट वाला एयरक्रॉफ्ट था जिसे सेवा की आवश्‍यकता के अनुसार तटरक्षक कार्य के लिए परिवर्तित किया गया ।  1994 में फोकर वायुयानों को 02 डोर्नियर वायुयानों से बदला गया, जोकि वर्तमान में पश्चिमी बंगाल तथा उड़ीसा के तटवर्ती क्षेत्र में खोज एवं बचाव कार्य के लिए तैनात हैं तथा समुद्र में निगरानी बनाए हुए हैं ।

त.र.त.सं. का. बैरकपोर, त.र.वै.प. दल बैंगलौर तथा  त.र.वै.प. दल कानपुर

        तटरक्षक तकनीकी संपर्क कार्यालय, बैरकपोर, तटरक्षक वैमानिकी पर्यवे क्षण दल बैंगलोर, तटरक्षक वैमानिकी पर्यवेक्षण दल कान पुर तटरक्षक वायुयान की कार्य प्रगति का नजदीक से मॉनीटर करने तथा हिदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ नजदीकी समन्वय बनाने के लिए आव श्यक सहायता प्रदान कर ने हेतु सक्रिय रूप से कार्यरत है । यूनिटों को हिंदुस ्तान एरोनॉटिक्स लिमि टेड के परिसरों में स्थापित क िया गया है । यूनिटें प् रधान निदेशक (विमानन) के प्रकार्यात्मक नियंत ्रण तथा भारतीय तटरक्षक स्टेशन दिल् ली के प्रशासनिक नियं त्रण में हैं ।

 

भारतीय तटरक्षक वायु एंक्लेव पोर्टब्लेयर

             भारतीय तटरक्षक वायु एंक्लेव , पोर्टब्‍ लेयर वीर सावरकर विमानपत् ‍तन, पोर्टब्‍लेयर मे ं स्थित है, जिसमें निम ्‍नलिखित युनिटें शामिल हैं:-

            (क)       745 स्‍क्‍वाड्रन (भा.त.र.), (डोर्नियर)

            (ख)       पोर्टब्‍लेयर चेतक फ्लाईट

            वर्तमान में दोनों यूनिटें अडंमान एवं निकोबार उड़ान संस्‍थान के स्‍थानीय विमानशाला से संचालित होती हैं । ये यूनिटें पूरे अडंमान एवं निकोबार द्वीप समूह तथा अंतर्राष्‍ट्रीय समुद्री मार्ग हेतु खोज एवं बचाव सहायता तथा तटवर्ती निगरानी उपलब्‍ध कराती हैं ।

चेतक फ्लाईट

        तटरक्षक की चेतक फ्लाईटें उन क्षेत्रों से परिचालन करती हैं जिन क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर स्‍क्‍वाड्रन उपलब्ध नहीं है । वर्तमान में, ये फ्लाइटें विशाखापट्टनम, कोची तथा पोर्टब्लेयर में स्थित हैं । पोतों को विभिन्न संक्रियात्मक अपेक्षाओ के दौरान तैनात करने के समय, हेलिकॉप्टरों को पोतारोहित किया जाता है । इन फ्लाइटों में, विशेषकर परिवर्तनशील संक्रियात्मक स्थानों पर कार्य करने के संदर्भ में अत्यधिक लचीलापन है तथा इनकों आवश्यकता के आधार पर अल्प सूचना में तैनात किया जाता है । 

भा.त.र. वै. नि. सेवा (मुबंई)/(चेन्नई)

        भारतीय तटरक्षक वैमानिकी निरीक्षण सेवा(भा.त.र.वै.नि.से.), मुम्‍बई तथा चेन्‍नई : वैमानिकी की संक्रियात्‍मक अपेक्षाओं की पूर्ति करने के लिए दो समर्पित वैमानिकी गुणता नियंत्रण निरीक्षण सेवाएं सक्रिय हैं । पश्चिमी क्षेत्र के लिए एक मुंबई में सक्रिय है तथा दूसरी पूर्वी व अंडमान एवं  निकोबार क्षेत्र की सभी संक्रियात्‍मक प्रतिबद्धता से निपटने के लिए चेन्‍नई में  सक्रिय है ।

भारतीय तटरक्षक वायु भण्डार डिपो, गोवा

          तटरक्षक वायुयान की संभारिकी अपेक्षा को सुप्रवाही बनाने के लिए, जुलाई 2002 में भारतीय तटरक्षक वायु भण्‍डार डिपो, गोवा सक्रिय किया गया । यह डिपो भारतीय तटरक्षक वैमानिकी की वायु भण्‍डारण आवश्‍यकताओं का प्रबंध करता है ।

2005 भारतीय तटरक्षक, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
तटरक्षक मुख्यालय, राष्ट्रीय स्टेडियम परिसर, नई दिल्ली 110 001